Sensex क्या है और कैसे बनता है

Sensex क्या है? (What is sensex in hindi) क्या आप इसके बारे में जानते हैं? अक्सर आपने sensex के बारे में अखबार और टीवी में जरूर पढ़ा या देखा होगा। अखबार में सेंसेक्स के बारे में एक अलग पेज देखने को मिल जाएगा। जिसमें लिखा दिखेगा कि सेंसेक्स आज इतने अंकों पर गया या आज बाजार में मंदी छाई रही। कभी-कभी Sensex जब अपना नया अंकों का हाई बनाता है तो अखबार में लिखा देखा होगा कि आज शेयर बाजार ने निवेशकों को मालामाल किया है।

जब भी आपने अपने पैसे को निवेश करने को सोचा होगा तो सेंसेक्स का विकल्प जरूर आपके मन में आया होगा। परंतु आप इन शब्दों को समझ नहीं पाते होंगे। इसके बारे में मुझे भी शुरुआत में कुछ भी समझ नहीं आया था क्योंकि मैं सेंसेक्स के बारे में उस समय नहीं जानता था। इसलिए जब से मैंने निवेश के बारे में पढ़ना शुरू किया तब जाकर  मैंने भी sensex बारे में जाना। जिसको आज आपको इस लेख में विस्तार से बताऊंगा

हम आपको nifty के बारे में पहले ही बता चुके थे। अगर आपने निफ्टी के बारे में नहीं जाना है तो हमारी इस लेख को निफ्टी क्या है अवश्य पढ़ें। इसमें मैंने निफ्टी के बारे में विस्तार से समझाया है। साथ ही निफ्टी और सेंसेक्स में अंतर भी समझाया। खैर अगर आप निफ्टी के बारे में जानते हैं तो सेंसेक्स पर आधारित इस विस्तार पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।

Sensex क्या है?

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Sensex, BSE का market index है। जिसकी संरचना स्टॉक मार्केट के analyst Mr. Deepak Mohoni के द्वारा की गई है। सेंसेक्स sensitive और index दो शब्दों से बना हुआ है। सन 1 जनवरी 1986 से पहले Bombay Stock Exchange के पास अपना खुद का कोई भी ऑफिशल इंडेक्स नहीं था। इसी समय में सेंसेक्स को established किया गया था। जिसका मकसद bse में लिस्टेड लगभग 5000 कंपनियों के शेयरों में प्रमुख 30 कंपनियों के शेयर के प्रदर्शन को दिखाना है।

इन 30 शेयर की मदद से ट्रेडर और निवेशक बाजार के भाव में तेजी और मंदी का पता आसानी से कर लेते हैं।  सेंसेक्स में लिस्टेड 30 शीर्ष कंपनियां भारतीय अर्थव्यवस्था के अलग-अलग सेक्टर से आती हैं। अगर सेंसेक्स के भाव में बढ़ोतरी होती है तो यह मान लिया जाता है कि सेंसेक्स में लिस्टेड ज्यादातर सभी कंपनियों के शेयर के भाव में बढ़ोतरी हुई है। वहीं अगर सेंसेक्स के भाव में मंदी आ जाती है तो यह समझ लिया जाता है सभी कंपनियों के शेयर के भाव में गिरावट आई हैं।

Bombay Stock exchange की स्थापना सन 1975 में हुई थी। यह भारत का सबसे पुराना और पहला स्टॉक एक्सचेंज है।
सेंसेक्स भारत के 30 प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन दिखाता है। यह सभी कंपनियां market capitalisation के हिसाब से बहुत बड़ी होती हैं। Market Capitalisation बड़ा होने के कारण आज यह सभी कंपनियां भारत के कुल 37 फ़ीसदी जीडीपी के बराबर है। साल 19 फरवरी  2013 में BSE और S&P Dow Jones दोनों इंडेक्स ने सेंसेक्स की गणना करने के लिए alliance किया था। बीएससी की तरह sensex भी एक सबसे पुराना इंडेक्स है।

Sensex में कंपनियां कैसे लिस्टेड होती हैं?

सेंसेक्स में किसी भी कंपनी को लिस्ट होने के लिए S&P BSE Index कमेटी के द्वारा बनाए गए पांच मानदंड को पूरा करना होता है।

1. किसी भी कंपनी को सेंसेक्स में लिस्ट होने के लिए सबसे पहले बीएससी में रजिस्टर होना आवश्यक है।
2. कंपनियों के पास एक बड़ी मार्केट केपीटलाइजेशन होना जरूरी है।
3. कंपनी अपने मुख्य गतिविधियों से कमाई कर रही हो।
4. कंपनी के शेयरों में लिक्विडिटी होना चाहिए।
5. किसी भी कंपनी को अपने सेक्टर को, देश की इक्विटी बाजार के साथ संतुलित रखने में अहम भूमिका निभानी चाहिए।

Sensex कि गणना कैसे होती है? How Sensex Calculated In Hindi

1. सेंसेक्स बीएसई में सूचीबद्ध तकरीबन 5000 इक्वीविट शेयर में से 30 शेयरों की जानकारी प्रदान करता है।

2. सभी शीर्ष 30 कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन निर्धारित किया जाता है।

3. सभी कंपनियों की फ्री फ्लोट मार्केट कैप को  निर्धारित किया जाता है।

Free float market capitalisation का मतलब कंपनी के सभी शेयर्स जो मार्केट में फ्लोट हो रहे हो, बस फर्क इतना होता है कि इसमें प्रोमोटर्स के शेयरों को नहीं जोड़ा जाता है।

उदाहरण के लिए किसी कंपनी ने बाजार में 300000 शेयर जारी किए हैं लेकिन इसमें 1.6 लाख शेयर प्रोमोटर्स के पास है तो फ्री फ्लोट मार्केट कैप 1.4 लाख शेयर है।

4. सेंसेक्स कि गणना नीचे बताए गए फॉर्मूला के आधार पर किया जाता हैं।

Sensex = [ Total Free Float Market Capitalisation / Base Market Capitalisation] * Base Index Value

5. सेंसेक्स कि गणना करने के लिए 1978-79 को base year माना जाता है। यह एक स्थिर वैल्यू होती है।

6. Base Index Value को 100 माना जाता है।

7. उदाहरण के तौर पर मान ले कि शीर्ष 30 कंपनियों की market cap  8070000 है। वहीं base index मान लीजिए कि 60000 है और base index value 100 है तो
Sensex = [ Total Free Float Market Capitalisation / Base Market Capitalisation] * Base Index Value
       
Sensex -    ( 8070000/60000)*100
                    = 13450

Sensex के फायदे

वैसे तो Sensex का सबसे बड़ा फायदा ट्रेडर और निवेशक को होता है। वह सेंसेक्स के जरिए बाजार में होने वाली गतिविधियों पर आसानी से नजर बना सकता है। अपने पैसे को सही जगह निवेश कर सकते है। परंतु सेंसेक्स से होने वाले कुछ और भी फायदे होते हैं जिसे निम्लिखित बताया गया है-

1. सेंसेक्स में तेजी आने से कंपनियों में निवेश बढ़ता है इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू भी बढ़ती है।
2. जितना ज्यादा किसी कंपनी के शेयर की डिमांड होगी उतनी ही ज्यादा शेयर्स की वैल्यू बढ़ेगी। इससे कंपनी को खुद को विस्तार करने के लिए वित्तीय सहायता मिल जाती हैं।
3. शीर्ष 30 में आने वाली कंपनियों की Goodwill में बढ़ोतरी होती है।
4. सेंसेक्स पर विदेशी निवेशक की नजर रहती है अगर सेंसेक्स तेजी में है तो वह भी निवेश करते हैं। जिससे विदेशी मुद्रा हमारे देश में आता है। यह देश की अर्थव्यवस्था और कंपनी दोनों के लिए अच्छा होता है। साथ ही विदेशी निवेश से देश की मुद्रा और मजबूत होगी। जितना ज्यादा रुपया मजबूत होगा चीजें इतनी ही सस्ती होगी।

दोस्तों वैसे सेंसेक्स के फायदे में डायरेक्ट तो कुछ भी नहीं है लेकिन indirect कहीं ना कहीं इसके बहुत सारे फायदे हैं। उन फायदों में से मैंने आपको कुछ पॉइंट ऊपर विस्तार से बता दिए हैं। उम्मीद करता हूं अभी तक आपको इस लेख को पढ़ने में आनंद आया होगा चलिए अब सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियों की जानकारी देता हूं।

सेंसेक्स में कौन कौन सी कंपनी है?

सेंसेक्स में शीर्ष 30 कंपनियों के नाम निम्नलिखित दिए गए-

1) अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड।
2) एशियन पेंट्स
3) एक्सिस बैंक लिमिटेड
4) बजाज ऑटो लिमिटेड
5) भारती एयरटेल लिमिटेड
6) सिप्ला
7) कोल इंडिया लिमिटेड
8) डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड
9) एचडीएफसी बैंक लिमिटेड
10) हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड
11) हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड
12) हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड
13) आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड
14) आईटीसी
15) इंफोसिस लिमिटेड
16) कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड
17) लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड
18) लुपिन
19) महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड
20) मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड
21) एनटीपीसी लिमिटेड
22) तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड
23) पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
24) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
25) भारतीय स्टेट बैंक
26) सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड
27) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड
28) टाटा मोटर्स
29) टाटा मोटर्स - डीवीआर साधारण
30) टाटा स्टील लिमिटेड
31) विप्रो लिमिटेड

निष्कर्ष

जैसे कि आज इस लेख में आपने सेंसेक्स के बारे में विस्तार से पढ़ा है। साथ ही सेंसेक्स की गणना कैसे की जाती है इसके बारे में और इसमें कौन सी कंपनियां लिस्टेड है इसके बारे में आपने बारीकी से समझा होगा।

 दोस्तो उम्मीद करता हूं कि आपको sensex kya hai के बारे में अच्छे से समझ आ गया होगा। इस लेख को अपने दोस्तो के साथ शेयर जरूर करें।

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