SMS का Full Form क्या है? हिंदी में

क्या आप SMS का full form जानना चाहते हैं तो हमारी इस पोस्ट SMS फुल फॉर्म क्या है पूरी पढ़ें आज आपको इस पोस्ट SMS के फुल फॉर्म के साथ-साथ कुछ ऐसी भी बातें बताएंगे जिसे शायद आप जानते ना हो।

SMS Full Form

दोस्तों SMS का प्रयोग ज्यादातर हम सब अपने डेली लाइफ में किसी ना किसी तरह से करते हैं लेकिन आज बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो एस एम एस का फुल फॉर्म नहीं जानते हैं लेकिन वह भी अपनी सामान्य बोलचाल में इस शब्द का प्रयोग करते हैं। इस शब्द को अगर देखा जाए तो हम सब MMS भी बोल देते हैं बता दें कि MMS ज्यादातर SMS. से मिलता जुलता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इस SMS को ही MMS कहा जाता है। SMS शब्द MMS से कुछ भिन्न है जब आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ेंगे तो आप जानेंगे कि SMS और MMS कौन सी बिंदु है जो इन दोनों को एक अलग अलग शब्द में पहचान देती हूं और साथ ही SMS का भी सही मतलब जानेंगे ।

SMS Full Form Kya Hai

SMS full form Short Messaging Service है जिसको हिंदी भाषा में लघु संदेश सेवा का जाता है। SMS को लिमिटेड 160 characters  तक एक बार में लिखा जा सकता है।

SMS का आविष्कार Friedhelm Hillebrand और    Bernard Ghillebaert के द्वारा सन 1984 में किया गया था। शुरुआत में SMS GSM के लिए बनाया गया था लेकिन बाद में इसे CDMA के लिए भी डिजाइन कर दिया गया। नोकिया पहली ऐसी कंपनी थी जिसने अपने यूजर्स को यह सेवा उपलब्ध कराई। इसके बाद आज ज्यादातर सभी टेलीकॉम कंपनियां जैसे जिओ, बीएसएनएल, एयरटेल आदि इस सेवा को सपोर्ट करने लगी है आज एसएमएस की सुविधा चाहे छोटा हो या बड़ा फोन सभी में उपलब्ध है।

पहले के समय जब लोगों को संदेश भेजना था तब वह इस एसएमएस का ही प्रयोग करते थे लेकिन जब से दुनिया डिजिटल की तरफ या कहे टेक्नोलॉजी की तरफ कदम बढ़ाने लगी वैसे ही SMS का धीमे-धीमे प्रयोग खत्म होने लगा है। 

व्हाट्सएप, सिग्नल ऐप, वी चैट, टेलीग्राम इत्यादि जैसे मैसेजिंग एप के आने का सबसे बड़ा कारण SMS की सर्विस पर पड़ा है। आज जिसको भी संदेश भेजना है वह मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं मैसेजिंग एप्स के द्वारा आज हम इमोजी से लेकर वीडियो कॉलिंग तक की सुविधा का लाभ लेते हैं। लेकिन ऐसा SMS. में मुमकिन नहीं है खैर इमोजी और सिंबल को अब हम लोग SMS. में सेंड कर लेते हैं  लेकिन पीडीएफ, वीडियो, फोटो इत्यादि अभी SMS. में सेंड नहीं कर पाते है। SMS से लोगों की दूरी बनाने का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि संदेश भेजने पर पैसे लगते हैं लेकिन वही मैसेजिंग ऐप में ना ही मैसेज की भेजने की लिमिट है और ना ही इसमें पैसे लगते हैं।

दोस्तों sms का उपयोग शायद हम लोग ना करते हो लेकिन भारत में आज भी ऐसे लोग हैं जिसके पास स्मार्टफोन नहीं है। तो वह अपना संदेश SMS. के द्वारा ही भेजते हैं इसका सबसे बड़ा कारण अपने देश में गरीबी है आज लगभग 20 परसेंट लोग पॉवर्टी लाइन के नीचे हैं।

SMS और MMS में क्या अंतर है?

1) SMS को शॉर्ट मैसेजिंग सर्विस कहते हैं वही MMS का full form multimedia messaging service होता है।

2) SMS को सिर्फ 160 लीटर तक ही लिखा जा सकता है वहीं MMS की कोई लिमिट नहीं है।

3) SMS को सन 1984 में लांच किया गया था वही एमएमएस 2002 में लॉन्च किया गया था।

4) SMS. में पुरानी टेक्नोलॉजी और MMS में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था।

5) MMS को जैसे कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप है।

SMS Advantages

1)  SMS महत्वपूर्ण जानकारी भेजने के लिए एक बहुत ही विश्वसनीय और सत्यापित  है यह सूचना की गारंटी प्रदान करता है।

2)  लोगों के बीच वार्तालाप स्वचालित रूप से save रहती हैं जब तक कि वह स्वयं उसको को delete नहीं  ना करे।

3) इसके लिए किसी भी ऐप को डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह सभी मोबाइल उपकरणों में पहले से ही उपलब्ध होता है।

4)यह सभी मोबाइल उपकरणों के लिए स्वचालित रूप से मौजूद है इसमें इंटरनेट कनेक्शन के लिए कोई आवश्यकता नहीं है।

SMS Disadvantages

1) Text Message भेजने के लिए लागत का भुगतान करना होगा क्योंकि एसएमएस सुविधा मुफ्त में उपलब्ध नहीं है।

2) Text लिखने की लिमिट में लंबाई है क्योंकि यह प्रति text संदेश केवल 160 letter प्रदान करता है।

3) एक बार भेजे गए message को unsend और delete for everyone करने की बिलकुल संभावना नहीं है।

आपने क्या सीखा

दोस्तों आज हम सब ने विस्तार से SMS full form के साथ-साथ SMS और MMS के अंतर को जाना है। उम्मीद करता हूं कि आपको मेरी यह पोस्ट पसंद आई होगी। अगर किसी भी तरह का इस पोस्ट से रिलेटेड प्रश्न आ रहा हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें साथ ही अगर आप लोग को गेस्ट पोस्टिंग करनी है तो हमसे कांटेक्ट करें।

Post a Comment

Previous Post Next Post