Dp Full Form क्या है? जाने dp का सही मतलब हिंदी में

  DP Full Form In Hindi 

Dp full form- दोस्तों अक्सर आप लोग जब भी अपने दोस्तों के साथ बात करते हैं तो आपके दोस्त कहते हैं कि आज मैंने अपनी छोटे की dp लगाई है या यह dp लगाई है इसे देखना जरूर या अगर अपनी इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप पर फोटो बदलते है तो मैसेज आता है कि नाइस डीपी!

Dp Ka Full Form Kya Hai

डीपी का फुल फॉर्म क्या है? शायद आप नहीं जानते हैं कि सब लोग डीपी डीपी डीपी कहते रहते हैं। आखिरकार डीपी का फुल फॉर्म क्या होता है। चलिए इस पोस्ट में आपको बारीकी से समझाएंगे की फेसबुक डीपी क्या है? व्हाट्सएप डीपी क्या होता है? इंस्टाग्राम डीपी क्या होता है? या कोई सोशल प्लेटफॉर्म हो सब में डीपी का क्या अर्थ होता है। 

अगर अक्सर लोगों से पूछा जाए की Dp Ka Kya Full Form Hai ? तो जवाब में ज्यादातर लोग कहते हैं कि डीपी का मतलब Desktop picture लेकिन हकीकत में डीपी का फुल फॉर्म नहीं होता है। अगर कहने को हो तो Desktop Photo भी हो सकता है। तो क्या इसका अर्थ यह होगा कि डीपी का फुल फॉर्म डेस्कटॉप फोटो जाएगा। शायद आप का भी जवाब ना होगा।

अब आपको डीपी के बारे में बताने जा रहा हूं। डीपी का फुल फॉर्म ही नहीं बल्कि डीपी के बारे में जो हर कोई नहीं जानता है उसके बारे में भी बताएंगे।

    Dp Full Form क्या है?

    Facebook, Whatsapp, Instagram आदि ऐसे बहुत से सोशल मीडिया हैं जहां पर अकाउंट बनाते हैं तो हम उसमें डीपी अपनी जरूर लगाते हैं  लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जिनको यह नहीं पता है कि हम डीपी तो लगा रहे हैं लेकिन इसको डीपी कहा जाता है और कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जिनको डीपी का फुल फॉर्म आता है पर डीपी का सही फुल फॉर्म क्या है यह नहीं जानते हैं मतलब यह कि जो भी डीपी का फुल फॉर्म पता है वह गलत भी हो सकता है।

    दोस्तो Dp Ka Full form Display Picture होता है अगर आसान भाषा में कहें तो जब भी हम फेसबुक इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर फोटो लगाते हैं तो उसे ही डीपी कहा जाता है और अगर एक शब्द कहे तो जिसे प्रोफाइल पिक्चर कहते है उसी को हम डीपी भी कहते हैं।

    अगर अब आपके मन में यह सवाल है कि नहीं डिस्प्ले पिक्चर और प्रोफाइल पिक्चर में अंतर है तो हम आपको बता दें कि डिस्प्ले पिक्चर और प्रोफाइल पिक्चर में थोड़ा अंतर हो सकता है लेकिन मोस्टली display picture aur profile picture दोनों एक ही होते हैं क्योंकि दोनों में हम अपनी फोटो ही लगाते हैं।

    दोस्तों यह तो जान लिया कि डीपी का फुल फॉर्म क्या होता है अब आपको बता दें कि डीपी मतलब सिर्फ डिस्प्ले पिक्चर नहीं होता इसके और भी फुल फॉर्म होते है।

    अगर कंप्यूटर की लैंग्वेज में आपको बता दे तो डीपी का यहां फुल फॉर्म चेंज हो जाता है यानी कि अगर हम कंप्यूटर साइंस स्टूडेंट्स से डीपी का मतलब पूछें तो ज्यादातर जवाब डाटा प्रोसेसिंग आएगा।  ऐसे ही अगर मैथ्स स्टूडेंट के लिए डीपी का मतलब दिरिचलेट प्रोसेस होता है वहीं अगर कॉमर्शियल लैंग्वेज यानी कि कॉमर्स स्टूडेंट्स की तरफ से डीपी का फुल फॉर्म डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट हो जाता है।
    लेकिन अब यहां पर एक बात और आ जाती है कि ऐसे में तो डी पी के कई फुल फॉर्म होते हैं। तो फिर किसी भी सर्च इंजन में सर्च करे तो डिस्प्ले पिक्चर सिर्फ क्यों आता है।

    आपको बता दें कि जो सबसे ज्यादा डीपी का मतलब सोशल मीडिया डीपी के लिए ही यूज होता है क्योंकि यहां पर आपको हर तरीके का इंसान मिलता है तो सोशल मीडिया के डीपी सर्च का मतलब एक अनलिमिटेड हो जाता है। 

    वही अगर कंप्यूटर साइंस लैंग्वेज, मैथमेटिक्स या कॉमर्स लैंग्वेज में तो तीनों जगह पर शॉर्टकट डीपी ही है लेकिन डीपी का मतलब अलग अलग हो जाता है। जैसे कि कंप्यूटर स्टूडेंट के लिए डाटा प्रोसेसिंग, मैथ्स स्टूडेंट के लिए डिरिचलेट प्रोसेस या कॉमर्स के लिए डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट हो जाता है ऐसा क्यों?

    अगर आप किसी स्पेशल सब्जेक्ट के लिए डीपी का फुल फॉर्म सर्च करेंगे तो डीपी का फुल फॉर्म उसी से रिलेटेड आएगा। जैसे कि मैंने आपको कंप्यूटर साइंस, मैथमेटिक्स और कॉमर्स की बात की हुई है।  डीपी का सिर्फ एक मतलब नहीं होता है हर जगह डीपी का मतलब चेंज होता रहता है।

    लेकिन अगर नॉर्मल डीपी का फुल फॉर्म सर्च करें या पूछे तो डिस्प्ले पिक्चर ही होता है यानी कि अगर हम किसी से कोई भी इस स्पेशल सब्जेक्ट के बारे में बात नहीं करें तो वहां पर डीपी का मतलब डिस्प्ले पिक्चर ही होता है।

    अगर हम किसी से specific जैसे कि मान लो कि कॉमर्स से रिलेटेड अगर कोई बात कर रहे हैं तो डीपी का यहां पर डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट भी हो सकता है।
    चलिए अब आपको यह बताते हैं कि डीपी के क्या फायदे होते हैं यहां आपको मैं सिर्फ सोशल मीडिया वाली डीपी के बारे में बताऊंगा।

    DP से क्या फायदा होता है?

    बता दें कि किसी भी सोशल प्लेटफॉर्म के लिए नाम, आईडी के बाद डीपी को एक मुख्य कैटेगरी में माना जाता है कि जिससे हम बात कर रहे हैं कि वह कौन है? अगर आपको इनमें से कोई दो फैक्टर या तीनों या सिर्फ डीपी के बारे में पता चल जाए तो आप उसे तुरंत पहचान सकते हैं कि वह इंसान कौन है?

    बता दे कि नाम एक common factor में आ जाता है लेकिन वहीं अगर हमें इसका नेम और आईडी या आईडी और डीपी या नेम और डीपी किसी 2 factor के बारे में पता चल जाए तो वह कॉमन फैक्टर से होकर एक unique factor बन जाता है। 

    अगर सिर्फ डीपी के बारे में पता चल जाए तो वह भी एक unique बन जाता है क्योंकि हर इंसान की एक अलग छवि होती है। इसकी मदद से किसी भी व्यक्ति की प्रोफाइल सोशल मीडिया पर ढूंढते हैं तो वह आसानी से मिल जाती है।

    लेकिन अगर यहां पर मान ले कि हम नाम से किसी को ढूंढते हैं। जिस नाम से हम सर्च करते हैं तो बहुत से लोगों के नाम डिस्प्ले होने लगता हैं यानी कि जो नेम आपके फ्रेंड का है वही किसी और लोगों का भी हो सकता है। इसलिए यह कम चांस हो जाता है कि आप जिसे ढूंढ रहे है वह मिल जाए।

    लेकिन नाम और आईडी से सबसे ज्यादा जो महत्वपूर्ण है वह डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) है क्योंकि अगर आपको डीपी किसी की दिख जाती है तो आसानी से यह पता लग जाता है कि वह व्यक्ति कौन है।
    उदाहरण के तौर पर अगर मान लो आपके फेसबुक में एक unknown नंबर से मैसेज आता है तो अगर डीपी प्रोफाइल पिक्चर दिख जाती है। तो आप समझ जाते हैं कि इस व्यक्ति को आप जानते हैं या नहीं अगर डिस्प्ले पिक्चर में फोटो ना लगी हो तो पहचानना मुश्किल हो जाता है कि जिस व्यक्ति से आपको मैसेज आया है वह कौन है इसके लिए आपको नेम और आईडी की जरूरत पड़ती है कि आप यह जान पाए कि जिससे आप बात कर रहे हैं वह कौन है क्या आप उसे जानते हैं।

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    दोस्तों मैंने आपको dp ka full form kya hai के बारे में डिटेल में बताया है तो चलिए अब डीपी से एक और बात बताता हूं जो शायद किसी को पता होगा।

    DP शब्द की शुरुआत कैसे हुई?

    दोस्तों आप डीपी का फुल फॉर्म डिस्प्ले पिक्चर तो जान गए होंगे। लेकिन क्या कभी यह सोचा कि डीपी शब्द की शुरुआत सोशल मीडिया में कैसे हुई। शायद इस प्रश्न का जवाब ' ना ' होगा।

    बता दे की डीपी शब्द की शुरुआत ना किसी बुक से हुई और ना ही इसे किसी ने खोजा ऐसे तो फिर डीपी शब्द इस दुनिया में कैसे आया है?
    इसका जवाब हम सब लोगों के बोल-चाल से आया है। यानी आपने अगर गौर किया हो तो जब भी फेसबुक पर चैट करते हैं तो हर शब्द को शार्ट करके लिखते जैसे कि tnx, mtlb, hm, आदि। वैसे ही जब प्रोफाइल के बारे में बात आती है तो वहां डीपी सब यूज करने लगे।

    यह शब्द इतना पॉपुलर हो गया कि पहले फेसबुक फिर व्हाट्सएप इसके बाद इंस्टाग्राम और अब तमाम ऐसे सोशल प्लेटफॉर्म है। जहां पर प्रोफाइल फोटो की जगह डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) शॉर्टकट में लिखने लगे।

    जब भी आमने सामने बात करते हैं तो वहां पर कभी भी जल्दी शॉर्टकट नहीं बोल पाते हैं। लेकिन जब सोशल मीडिया में चैट करते हैं तो वहां हमको खुद से टाइप करना पड़ता है।

    आखिरकार आज के जमाने में हम लोग इतने आलसी हो गए हैं कि डिस्प्ले पिक्चर इतना बड़ा दिखने लगा है जिससे हम डिस्प्ले पिक्चर को ना लिख कर सीधे डीपी लिखकर ही काम चला लेते हैं। बस सामने वाले को समझ में आ जाना चाहिए।

    तो दोस्तो बता दे की डीपी शब्द अब सिर्फ सोशल मीडिया में ही नहीं बल्कि जब भी एक दूसरे से बोल कर बात करते हैं तब डीपी शब्द ही बोलते हैं क्योंकि जितना कटिंग डिस्प्ले पिक्चर है उतना ही डीपी शॉर्टकट में सरल है।

    चलिए फिलहाल आपको यह समझ में आ गया होगा कि dp का full form क्या है डीपी से क्या बेनिफिट होते हैं और डीपी शब्द का आविष्कार कैसे हुआ।

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